प्रकाशित रचनाएं

प्रकाशित पुस्तकें


अमृत की कलम से

प्रेमचंद के उपरांत प्रगतिशीलता का नया आयाम देने वाले अमृतराय के कृतित्व को हिंदी जगत ने बहुत सराहा हैं किंतु उनको अपने पिता की तरह स्वीकार नही किया हैं.अमृतराय एक विलक्षण प्रतिभा के व्यक्ति हैं और उनका मूल्यांकन उनकी कृतियो के आधार पर किया जाना चाहिये.
सुप्रिया प्रकाशन “मूल्य 150/-“

अपेक्षाएँ ह्क नही होती

प्रस्तुत कविता संग्रह में कवयित्री ने यकीनन विराट साहित्य फलक पर लुप्त प्राय रहकर ईमानदारी से काव्य चिंतन किया हैं.ये कविताएँ विभिन्न विषयो पर रची गई हैं,जो अपने आप में एक अलग महत्व रखती हैं.
शैवाल प्रकाशन , गोरखपुर “मूल्य 175/-“

अपने समय के साहित्य पर सोचते हुए

एक हिंदी भाषा परिवार में जन्मी डॉ.बूला कार ने हिंदी का अध्ययन,अध्यापन तथा लेखन काफी गम्भीरता से किया हैं.आम तौर पर अहिंदी भाषी हिंदी लेखको की भाषा प्रायः अस्वाभाविक हो जाती हैं;लेकिन डॉ.बूला कार इसकी अपवाद हैं.
रचना प्रकाशन , जयपुर “मूल्य 250/-“

बांग्ला साहित्य : सृष्टि और दृष्टि

“इस ग्रंथ कि खासियत यह हैं कि लेखिका बने-बनाये फ्रेमवर्क को तोडती हैं और साहित्य इतिहास लेखन को अनुभवबोध से सिक्त करते हुए संवेदनात्मक धरातल पर प्रस्तुत करती हैं.”
रचना प्रकाशन , जयपुर “मूल्य 400/-“

हिंदी और बांग्ला : समशील उपन्यासकारो का तुलनात्मक अध्ययन

इस कृति की विशेषता यह हैं कि यहॉ लेखिका ने कथ्य और शिल्प की दृष्टि से औपन्यासिक तुलनात्मक अध्ययन के प्रमुख आयामो को सुनिश्चित कर उन पर ही ध्यान केंद्रित किया हैं.
अमन प्रकाशन , लखनऊ “मूल्य 800/-“

गुंजन सप्तक – 4

कोई कवि न अपने पाठक चुन सकता हैं न श्रोता दशको से कविता मुख्यतः पढे जाने के लिये लिखी जाती हैं सुने जाने के लिये नही. प्रस्तुत पुस्तक गुंजन सप्तक नौ कवियो की कविताओ का संग्रह हैं जिनमें डॉ.कार भी एक हैं.
पार्वती प्रकाशन , इंदौर

अहमियत- काव्य संग्रह

इनका प्रकाशित काव्य संग्रह ‘अहमियत’ जीवन संघर्ष को प्रतिरूपित करता है.
पार्वती प्रकाशन इंदौर “मूल्य 200/-“

साहित्य : विचार और अनुभूति

डॉ.बूला कार की सृजनात्मकता कि एक मुकम्मल पहचान प्रस्तुत कृति में हैं..विविध विषयो पर अपनी जानकारी साझा करने की अकुलाहट उनमें साफ नज़र आती हैं.
अंसारी पब्लिकेशन नोएडा “मूल्य 300/-“

समीक्षा के आईने से

समीक्षा की समीक्षा करना बड़ा दुष्कर कार्य है डॉ बुलाकर की समीक्षा के आईने से पुष्तक मै ३९ रचनाकारों की रचनाओ पर समीक्षा है
पार्वती प्रकाशन इंदौर “मूल्य 250/-“

शोध सर्जन परिदृश्य

डॉ बुला की नयी पुस्तक दो विषयो पर केंद्रित है एक केंद्र है – दलित विमर्श और दूसरा बंगला साहित्य के आधुनिक युग का परिदृश्य।
Purchase

रंग प्रकाशन इंदौर “मूल्य 225/–“

समय प्रवाह

समय की महती शक्ति के आगे कुछ भी नहीं है उसकी अपार शक्तियों मे ऐसे तत्व छिपे है. जो दिखाई नहीं देते।
पार्वती प्रकाशन इंदौर “मूल्य 150/-“

आलोचना के बहाने

आलोचना अपनी वस्तुगत और आत्मीय विहित प्रक्रिया के तहत रचना के सभी पक्षो को परखती है।
रंग प्रकाशन इंदौर “मूल्य 200/–”

अंतर्द्वंद

कविता अंतर्मन से उपजी वह कोपल है जो अपने साथ अनेको को विचलित करने का सामर्थ्य रखती है
बोधि प्रकाशन जयपुर “मूल्य 120/-“

समकालीन साहित्य : विविध स्वर

जीवन स्वयं सत्य है संस्मरण उसका हिस्सा है तो हमारे यात्रा वृतांत भी सत्य कथा ही होते हैं
रंग प्रकाशन इंदौर “मूल्य 125/–“

समीक्षा के आईने से (खण्ड 3) मेरी रचनाये विभिन्न दृष्टिकोणों से

समीक्षा अपनी वस्तुगत और आत्मीय विहित प्रक्रिया के तहत रचना के सभी पक्षों को परखती है

पार्वती प्रकाशन , इंदौर “मूल्य 200/-“

समीक्षा के आईने से (खण्ड – 2)

साहित्य तब तक सार्थक नहीं होता जब तक समीक्षक की सोच अनुभव दृष्टि से छनकर नहीं आता

साहित्य मीमांसा

इसमे संकलित लेख अपने विषय प्रसंग को उद्घाटित और विश्लेषित करते है

रविंद्र नाथ टैगोर और अन्य प्रतिनिधि बांग्ला रचनाकार

इसमे उन तत्वों को भी सामने लाने का प्रयास किया है जो रचना को सम्पुष्ट करने मै असमर्थ है